Jatak Parijat Pdf Hindi
मांदि और गुलिक जैसे उपग्रहों का प्रभाव।
कुंडली में बनने वाले अनिष्ट और कष्टकारी योग।
ग्रहों की प्रकृति और उनके प्रभाव। jatak parijat pdf hindi
अष्टकवर्ग पद्धति का विस्तृत विश्लेषण।11-15. भावफलाध्याय: कुंडली के 12 भावों का पृथक-पृथक विश्लेषण।
शैशवावस्था में मृत्यु या कष्ट के योग। jatak parijat pdf hindi
कालचक्र दशा की गणना और फल।
यह ग्रंथ मिर्गी (Apasmara) जैसे रोगों और स्त्री जातक (महिला कुंडली) के सटीक विश्लेषण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। विषय-सूची (Key Chapters) jatak parijat pdf hindi
इसमें योग, आयुर्दाय (दीर्घायु), भावफल और दशा प्रणालियों का इतना सूक्ष्म वर्णन है कि इसे एक "मास्टरपीस" माना जाता है।