Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full ((better)) File
- चतुर्थ चैत्यवंदन
पुंडरीक मंडन पाय प्रणमी जे,आदिनाथ जिणचंदजी;नेम विना चोवीस वंदूं,गिरि चढ्या आनंदजी।आगम मांहि पुंडरीक महिमा,भाख्यो ज्ञान दिवाणजी;चैत्री पूनम दिन देवी चक्केसरी,सौभाग्य द्यो सुखकंदजी।
रायण वृक्ष के नीचे स्थित का वंदन अत्यंत फलदायी माना जाता है。 चैत्यवंदन मूल पाठ: palitana 5 chaityavandan in hindi full
गिरिराज पर चढ़ते हुए शांति के प्रदाता का ध्यान और वंदन किया जाता है। चैत्यवंदन मूल पाठ:
१. जय तलेटी चैत्यवंदन (First Chaityavandan of Jay Taleti) नेम विना चोवीस वंदूं
Shree Shantrunjay giriraj Yatra Five Chaityavandans - jainsite
यह अंतिम और मुख्य चैत्यवंदन है जो मुख्य जिनालय में विराजमान के चरणों में समर्पित होता है। चैत्यवंदन मूल पाठ: भाख्यो ज्ञान दिवाणजी
पालीताना चैत्यवंदन विधि के मुख्य नियम (Key Rules of Chaityavandan)